‘दिलबर नेगी’ हाथ-पैर काट जिंदा आग में झोंक दिया The Wire’ ने डाला पर्दा

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दिल्ली दंगो में सबसे वीभत्स मौत शायद 20 साल के इस मासूम दिलबर नेगी को मिली उत्तराखंड के रेहने वाला दिलबर नेगी शिव विहार में एक मिठाई की दुकान पर काम करता था जिसे दंगाइयों ने हाथ-पैर काट जिंदा आग में झोंक दिया और हमारे देश की मीडिया का एक वर्ग उस जिहादी समूह का नाम लेने तक में कतराते हैं जिन्होंने इस निर्मम हत्या को अंजाम दिय है ।

‘द वायर’ क्रूर मुस्लिम दंगाइयों को बचाने के लिखता है कि मिठाई की दुकान में काम करने वाले युवक की जल कर हुई मौत उसने दंगों में मारे गए मृतकों की एक सूची प्रकाशित की, जिसमें दिलबर नेगी के बारे में बताया गया है। बस एक लाइन में उनके बारे में लिख दिया गया है और इतिश्री कर ली गई है।

प्रोपेगेंडा पोर्टल ‘द वायर’ ने दिलबर नेगी की दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों में की गई क्रूरतापूर्ण हत्या को ‘जलने के कारण हुए घाव से हुई मौत’ बताया है। उसने मुस्लिम दंगाई भीड़ द्वारा किए गए इस जघन्य कुकृत्य को छिपाने के प्रयास किया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों में दिलबर नेगी की हत्या के आरोप में शाहनवाज़ को गिरफ़्तार किया है। दिलबर नेगी बृजपुरी में एक मिठाई की दुकान में काम करते थे। उनकी हत्या फ़रवरी 26, 2020 को कर दी गई थी।

जिहादियों ने उनके पूरे शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया गया था। इसके बाद शाहनवाज़ और उसके साथियों ने मिल कर नेगी को ज़िंदा आग में झोंक दिया था। उनकी हत्या जिस तरह से की गई, वैसे कसाई भी जानवरों को नहीं मारता। शाहनवाज़ और उसके साथियों ने पहले तो 20 साल के दिलबर नेगी के हाथ-पाँव काट डाले और फिर उसके बाद उनकी दुकान में आग लगा दी। फिर नेगी को उसी दुकान में लगी आग में ज़िंदा झोंक दिया गया, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।

दिलबर नेगी की भयावह हत्या को छिपाने के लिए ‘द वायर’ ने लिखा कि वो जलने से मरे

शाहनवाज़ व उसके साथ आई मुस्लिम भीड़ को बचाने के लिए और इस हत्या की वीभत्सता को छिपाने के लिए ‘द वायर’ ने लिख दिया है कि दिलबर नेगी जलने के कारण हुए घावों से मरे। जबकि सच्चाई ये है कि उनकी हत्या की गई। उन्हें तड़पाया गया, प्रताड़ित किया गया और फिर ज़िंदा जला डाला गया। ‘द वायर’ के लिए ये सब एकदम सीधा है, सपाट है- “जलने के कारण उनकी मृत्यु हो गई।” ऐसा थोड़े था कि वो ग़लती से किसी जलती हुई आग में गिर गए और घायल होने के कारण उनकी मृत्यु हो गई?

…जिन दिलबर नेगी का हाथ-पैर काटकर आग में फेंका था, उनकी हत्या के आरोपी मोहम्मद शाहनवाज़ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है ठीक इसी तरह ही चांद बाग़ में भी आईबी के जवान अंकित शर्मा की भी निर्मम हत्या की गई थी जिन्हें अगवा कर के उनके शरीर को 400 बार चाकुओं से गोद कर उन पर तेज़ाब डाला गया व उनके शरीर की सारी हड्डियां तोड़ दी गई थी इसके बाद उनकी बॉडी को पास के नाले में फेंक दिया गया था….

हिंदुओ के क़त्ल का ये विभत्स तरीका सोच कर भी रूह कांप जाती है फिर दिलबर नेगी व अंकित शर्मा के दर्द का तो हम अंदाज़ा भी नहीं लगा सकते । बर्बरता में इन जिहादियों ने शायद तालिबान को भी पीछे छोड़ दिया है और ऐसे जिहादियों अतांकियो के समूह को हमारे देश एक मीडिया वर्ग the wire aur NDTV अपने एजेंडे चला कर उन्हें बचाने। की कोशिश करते हैैं।